Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.15.9: इसी प्रकार रावण रावण होते हुए भी काम के कारण उसका मन जानकी की ओर आकृष्ट था और जब भगवान राम ने दशरथ के पुत्र को मारा, तब भी उसे केवल उनका ही रूप दिखाई दिया। उसे इस बात का मोह नहीं था कि 'वह अच्युत हैं'। वरन् मृत्यु के समय उसके हृदय में केवल मानवी चेतना ही थी॥9॥ | vishnu अध्याय 4.15: शिशुपालके पूर्व-जन्मान्तरोंका तथा वसुदेवजीकी सन्ततिका वर्णन । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार रावण रावण होते हुए भी काम के कारण उसका मन जानकी की ओर आकृष्ट था और जब भगवान राम ने दशरथ के पुत्र को मारा, तब भी उसे केवल उनका ही रूप दिखाई दिया। उसे इस बात का मोह नहीं था कि 'वह अच्युत हैं'। वरन् मृत्यु के समय उसके हृदय में केवल मानवी चेतना ही थी॥9॥
Similarly, even though Ravan was Ravan, his mind was attracted towards Janaki due to lust and when Lord Rama killed Dasharathan's son, he only saw her form. He did not have any attachment that 'she is infallible'. Rather, at the time of his death, he only had the human consciousness in his heart.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥