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श्लोक 4.15.34  |
| भगवतोऽप्यत्र मर्त्यलोकेऽवतीर्णस्य षोडशसहस्राण्येकोत्तरशताधिकानि भार्याणामभवन्॥ ३४॥ |
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| अनुवाद |
| इस मृत्युलोक में अवतरित भगवान् की सोलह हजार एक सौ एक रानियाँ थीं ॥34॥ |
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| God incarnated in this mortal world had sixteen thousand one hundred and one queens. 34॥ |
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