श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 15: शिशुपालके पूर्व-जन्मान्तरोंका तथा वसुदेवजीकी सन्ततिका वर्णन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  4.15.34 
भगवतोऽप्यत्र मर्त्यलोकेऽवतीर्णस्य षोडशसहस्राण्येकोत्तरशताधिकानि भार्याणामभवन्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
इस मृत्युलोक में अवतरित भगवान् की सोलह हजार एक सौ एक रानियाँ थीं ॥34॥
 
God incarnated in this mortal world had sixteen thousand one hundred and one queens. 34॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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