श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 15: शिशुपालके पूर्व-जन्मान्तरोंका तथा वसुदेवजीकी सन्ततिका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  4.15.29 
कर्षणाच्चासावपि संकर्षणाख्यामगमत्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
आकर्षण के कारण इस गर्भ का नाम संकर्षण पड़ा।29.
 
Due to the attraction this womb got the name Sankarshan. 29.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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