श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 15: शिशुपालके पूर्व-जन्मान्तरोंका तथा वसुदेवजीकी सन्ततिका वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  4.15.25 
वैशाल्यां च कौशिकमेकमेवाजनयत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वैशाली के गर्भ से कौशिक नामक एक ही पुत्र उत्पन्न हुआ।
 
From Vaishali's womb only one son named Kaushik was born. 25.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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