श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 15: शिशुपालके पूर्व-जन्मान्तरोंका तथा वसुदेवजीकी सन्ततिका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  4.15.23 
नन्दोपनन्दकृतकाद्या मदिरायास्तनया:॥ २३॥ भद्रायाश्चोपनिधिगदाद्या:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
नन्द, उपनन्द और कृतक आदि मदिरा के पुत्र थे और उपनिधि और गद आदि भद्र के पुत्र थे ॥23-24॥
 
Nand, Upananda and Kritak etc. were the sons of Madira and Upanidhi and Gad etc. were the sons of Bhadra. 23-24॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd