श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 15: शिशुपालके पूर्व-जन्मान्तरोंका तथा वसुदेवजीकी सन्ततिका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  4.15.21 
सार्ष्टिमार्ष्टिशिशुसत्यधृतिप्रमुखा: सारणात्मजा:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
सारष्टि, मार्ष्टि, सत्य और धृति सारण के पुत्र थे। 21.
 
Sarshti, Marshti, Satya and Dhriti were the sons of Saran. 21.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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