श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 14: अनमित्र और अन्धकके वंशका वर्णन  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  4.14.46 
स वा पूर्वमप्युदारविक्रमो दैत्यानामादिपुरुषो हिरण्यकशिपुरभवत्॥ ४६॥ यश्च भगवता सकललोकगुरुणा नरसिंहेन घातित:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
पूर्वजन्म में यह परम बलशाली पुरुष हिरण्यकशिपु नामक दैत्यों का मूल था, जिसका वध समस्त लोकों के गुरु भगवान नरसिंह ने किया था ॥46-47॥
 
In his previous life, this extremely powerful person was the origin of the demons named Hiranyakshipu who was killed by Lord Narasimha, the guru of all the worlds. ॥46-47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)