श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 14: अनमित्र और अन्धकके वंशका वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  4.14.33 
तस्मै चापुत्राय पृथामात्मजां विधिना शूरो दत्तवान‍्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
वे निःसंतान थे, इसलिए शूरसेन ने उन्हें अपनी पुत्री पृथा गोद दे दी।
 
They were childless, so Shurasena gave them his daughter named Pritha through adoption.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)