श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 14: अनमित्र और अन्धकके वंशका वर्णन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  4.14.32 
शूरस्य कुन्तिर्नाम सखाभवत्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
शूरसेन की कुन्ती नाम की एक सखी थी।
 
Shurasena had a friend named Kunti. 32.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)