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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 14: अनमित्र और अन्धकके वंशका वर्णन
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श्लोक 26
श्लोक
4.14.26
शूरस्यापि मारिषा नाम पत्न्यभवत्॥ २६॥ तस्यां चासौ दशपुत्रानजनयद्वसुदेवपूर्वान्॥ २७॥
अनुवाद
शूरसेन की पत्नी का नाम मारिषा था, उससे वसुदेव आदि दस पुत्र उत्पन्न हुए ॥ 26-27॥
Shurasena had a wife named Marisha. From her he produced ten sons including Vasudeva.॥ 26-27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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