श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 14: अनमित्र और अन्धकके वंशका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.14.1 
श्रीपराशर उवाच
अनमित्रस्य पुत्र: शिनिर्नामाभवत्॥ १॥ तस्यापि सत्यक: सत्यकात्सात्यकिर्युयुधानापरनामा॥ २॥
 
 
अनुवाद
श्री पाराशर ने कहा - अनामित्र का शिनि नामक पुत्र था; शिनि से सत्यक और सत्यक से सात्यकि का जन्म हुआ जिसका दूसरा नाम युयुधान था।
 
Shri Parashara said - Anamitra had a son named Shini; Shini had Satyak and Satyaka was born to Satyaki whose other name was Yuyudhaan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)