श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.13.8 
वृष्णे: सुमित्रो युधाजिच्च पुत्रावभूताम्॥ ८॥ ततश्चानमित्रस्तथानमित्रान्निघ्न:॥ ९॥ निघ्नस्य प्रसेनसत्राजितौ॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वृष्णि के दो पुत्र थे, सुमित्र और युधाजित, जिनमें से सुमित्र के अनामित्र, अनामित्र के निघ्न और निघ्न से प्रसेन और सत्राजित का जन्म हुआ। 8-10॥
 
Vrishni had two sons, Sumitra and Yudhajit, out of which Sumitra's Anamitra, Anamitra's Nighna and Nighna gave birth to Prasen and Satrajit. 8-10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)