श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  4.13.5 
यथैव शृणुमो दूरात्सम्पश्यामस्तथान्तिकात्।
बभ्रु:श्रेष्ठो मनुष्याणां देवैर्देवावृधस्सम:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
जैसा हमने दूर से सुना था, वैसा ही निकट आकर देखा; वास्तव में बभ्रु मनुष्यों में श्रेष्ठ है और देववृद्ध देवताओं के समान है॥5॥
 
‘As we had heard from afar, so we saw it when we came close; in fact Babhru is the best among men and Devavridha is equal to the gods.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)