श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  4.13.36 
विदितलोकापवादवृत्तान्तश्च भगवान‍् सर्वयदुसैन्यपरिवारपरिवृत: प्रसेनाश्वपदवीमनुससार॥ ३६॥ ददर्श चाश्वसमवेतं प्रसेनं सिंहेन विनिहतम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
इस लोक-निंदा को जानकर भगवान् समस्त यादव सेना के साथ प्रसेन के घोड़े के पदचिह्नों का अनुसरण करने लगे और वहाँ पहुँचकर उन्होंने देखा कि प्रसेन को उसके घोड़े सहित सिंह ने मार डाला है। 36-37.
 
On learning of this public slander, the Lord, along with the entire Yadava army, followed the footprints of Prasena's horse and on reaching there, saw that Prasena along with his horse had been killed by a lion. 36-37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)