श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  4.13.2 
भजमानस्य निमिकृकणवृष्णयस्तथान्ये द्वैमात्रा: शतजित्सहस्रजिदयुतजित्संज्ञास्त्रय:॥ २॥
 
 
अनुवाद
भजमान के छह पुत्र थे - निमि, क्रिकन और वृष्णि और उनके तीन सौतेले भाई शतजित, सहस्रजित और अयुतजित थे। 2॥
 
Bhajman had six sons – Nimi, Krikan and Vrishni and his three step brothers Shatajit, Sahasrajit and Ayutjit. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)