श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 127
 
 
श्लोक  4.13.127 
तस्यैवंगुणमिथुनादुत्पत्ति:॥ १२७॥ तत्कथमस्मिन्नपक्रान्तेऽत्र दुर्भिक्षमारिकाद्युपद्रवा न भविष्यन्ति॥ १२८॥
 
 
अनुवाद
यदि वे ऐसे पुण्यवान माता-पितासे उत्पन्न हुए हैं तो उनके चले जानेसे दुर्भिक्ष, महामारी आदि संकट क्यों न उत्पन्न होंगे ? 127-128॥
 
If they are born from such virtuous parents, then why wouldn't there be problems like famine, epidemic etc. due to their departure? 127-128॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)