रोमपाद के बभ्रु नामक पुत्र थे, बभ्रु के धृति थे, धृति के कैशिक नामक पुत्र थे और कैशिक के चेदि नामक पुत्र थे जिनकी संतान से चैद्य राजाओं का जन्म हुआ। ॥ 39॥
Romapada had a son named Babhru, Babhru had Dhriti, Dhriti had a son named Kaishik and Kaishik had a son named Chedi from whose progeny Chaidya kings were born. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥