श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 12: यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  4.12.2 
ततश्च स्वातिस्ततो रुशंकू रुशंकोश्चित्ररथ:॥ २॥ तत्तनयश्शशिबिन्दुश्चतुर्दशमहारत्नेशश्चक्रवर्त्यभवत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उनके स्वाति, स्वाति के रुशंकु, रुशंकु के चित्ररथ और चित्ररथ के पुत्र शशिबिंदु थे, जो चौदह महारत्नों* के स्वामी और चक्रवर्ती सम्राट थे। 2-3॥
 
He had a son named Swati, Swati's Rushanku, Rushanku's Chitrarath and Chitrarath's son Shashibindu, who was the lord of the fourteen Maharatnas* and the Chakravarti emperor. 2-3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)