श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 12: यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  4.12.16 
तच्चारिचक्रमपास्तपुत्रकलत्रबन्धुबलकोशंस्वमधिष्ठानं परित्यज्य दिश: प्रति विद्रुतम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उस समय वे सभी शत्रु अपने पुत्रों, मित्रों, पत्नियों, सेनाओं और निधियों से रहित होकर अपने स्थान छोड़कर भिन्न-भिन्न दिशाओं में भाग गए।
 
At that time all those enemies, being devoid of their sons, friends, wives, armies and treasures, left their places and fled in different directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)