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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 12: यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश
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श्लोक 15
श्लोक
4.12.15
स त्वेकदा प्रभूतरथतुरगगजसम्मर्दातिदारुणे महाहवे युद्धॺमान: सकलमेवारिचक्रमजयत्॥ १५ ॥
अनुवाद
एक दिन बहुत से रथों, घोड़ों और हाथियों से युक्त भयंकर युद्ध करके उसने अपने समस्त शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर ली ॥15॥
One day, fighting a terrible battle involving many chariots, horses and elephants, he conquered all his enemies. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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