श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 12: यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.12.13 
भार्यावश्यास्तु ये केचिद्भविष्यन्त्यथ वा मृता:।
तेषां तु ज्यामघ: श्रेष्ठश्शैव्यापतिरभून्नृप:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
संसार में जितने भी लोग स्त्री के प्रभाव में होंगे और जो पूर्वकाल में हुए हैं, उनमें शैव्या के पति राजा ज्यामघ श्रेष्ठ हैं ॥13॥
 
Of all the people in the world who will be under the influence of a woman and who have been in the past, King Jyaamgh, the husband of Shaivya, is the best. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)