शितपुक के रुक्मकवच नामक पांच पुत्र थे, रुक्मकवच के परावृत और परावृत के रुक्मेषु, पृथु, ज्यमघ, वलित और हरित नामक पांच पुत्र थे। 10-11॥
Shitpuka had five sons named Rukmakavacha, Rukmakavacha had Paravrit and Paravrit had five sons named Rukmeshu, Prithu, Jyamagha, Valit and Harit. 10-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥