श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 12: यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.12.10 
तस्यापि रुक्मकवचस्तत: परावृत्॥ १०॥ परावृतो रुक्मेषुपृथुज्यामघवलितहरितसंज्ञास्तस्य पञ्चात्मजा बभूवु:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
शितपुक के रुक्मकवच नामक पांच पुत्र थे, रुक्मकवच के परावृत और परावृत के रुक्मेषु, पृथु, ज्यमघ, वलित और हरित नामक पांच पुत्र थे। 10-11॥
 
Shitpuka had five sons named Rukmakavacha, Rukmakavacha had Paravrit and Paravrit had five sons named Rukmeshu, Prithu, Jyamagha, Valit and Harit. 10-11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)