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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 12: यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश
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श्लोक 1
श्लोक
4.12.1
श्रीपराशर उवाच
क्रोष्टोस्तु यदुपुत्रस्यात्मजो ध्वजिनीवान्॥ १॥
अनुवाद
श्री पाराशरजी ने कहा- यदुपुत्र क्रोष्टु का ध्वजिनिवन नामक पुत्र था। 1॥
Shri Parasharji said – Yaduputra Kroshtu had a son named Dhwajinivan. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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