श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 10: ययातिका चरित्र  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.10.6 
यदुं च तुर्वसुं चैव देवयानी व्यजायत।
द्रुह्युं चानुं च पूरुं च शर्मिष्ठा वार्षपर्वणी॥ ६ ॥
 
 
अनुवाद
'देवयानई ने यदु और तुर्वसु को जन्म दिया और वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्ठा ने द्रुह्यु, अनु और पुरु को जन्म दिया। 6॥
 
‘Devayanai gave birth to Yadu and Turvasu and Sharmistha, daughter of Vrishaparva, gave birth to Druhyu, Anu and Puru. 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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