vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 4: चतुर्थ अंश
»
अध्याय 10: ययातिका चरित्र
»
श्लोक 5
श्लोक
4.10.5
अत्रानुवंशश्लोको भवति॥ ५॥
अनुवाद
उनके वंश के सम्बन्ध में यह श्लोक प्रसिद्ध है-॥5॥
This verse is famous regarding his lineage - ॥ 5॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd