श्रीपराशर उवाच
पूरोस्सकाशादादाय जरां दत्त्वा च यौवनम्।
राज्येऽभिषिच्य पूरुं च प्रययौ तपसे वनम्॥ ३०॥
अनुवाद
श्री पराशर बोले - तत्पश्चात राजा ययाति ने पुरु से अपना बुढ़ापा लेकर उसे अपनी जवानी दे दी और उसे राजा पद पर अभिषिक्त करके वन को चले गये।
Shri Parashara said - Thereafter King Yayati took his old age from Puru and gave him his youth and after anointing him as the king, went to the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥