श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 10: ययातिका चरित्र  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  4.10.12 
तं च पिता शशाप त्वत्प्रसूतिर्न राज्यार्हा भविष्यतीति॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तब पिता ने उसे श्राप दिया कि उसकी सन्तान राजा के पद के योग्य नहीं होगी। 12.
 
Then the father cursed him that his offspring would not be worthy of the king's position. 12.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)