श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  4.1.50 
हेमचन्द्रश्च विशालस्य पुत्रोऽभवत्॥ ५०॥ ततश्चन्द्र:॥ ५१॥ तत्तनयो धूम्राक्ष:॥ ५२॥ तस्यापि सृञ्जयोऽभूत्॥ ५३॥ सृञ्जयात्सहदेव:॥ ५४॥ ततश्च कृशाश्वो नाम पुत्रोऽभवत्॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
विशाल का पुत्र हेमचन्द्र था, हेमचन्द्र का पुत्र चन्द्र था, चन्द्र का पुत्र धूम्राक्ष था, धूम्राक्ष का पुत्र सृंजय था, सृंजय का पुत्र सहदेव था और सहदेव का पुत्र कृषाश्व था। 50-55॥
 
Vishal's son was Hemchandra, Hemchandra's son was Chandra, Chandra's son was Dhumraksha, Dhumraksha's son was Srinjay, Srinjay's son was Sahadev and Sahadev's son was Krishaashva. 50-55॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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