| श्री विष्णु पुराण » अंश 4: चतुर्थ अंश » अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण » श्लोक 30-31 |
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| | | | श्लोक 4.1.30-31  | तस्मादप्यविक्षित्॥ ३०॥
अविक्षितोऽप्यतिबलपराक्रम: पुत्रो मरुत्तो
नामाभवत्; यस्येमावद्यापि श्लोकौ गीयेते॥ ३१॥ | | | | | | अनुवाद | | करंधमसे अविक्षित उत्पन्न हुआ और अविक्षितके मरुत्त नामका एक अत्यन्त बलवान और साहसी पुत्र हुआ, जिसके विषयमें आज भी ये दो श्लोक गाये जाते हैं ॥30-31॥ | | | | From Karandham, Avikshit was born and Avikshit had a very strong and courageous son named Marutta, about whom these two verses are sung even today. 30-31॥ | | ✨ ai-generated | | |
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