श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.1.26 
ततो विविंशक:॥ २६॥ तस्माच्च खनिनेत्र:॥ २७॥ ततश्चातिविभूति:॥ २८॥ अतिविभूतेरतिबलपराक्रम: करन्धम: पुत्रोऽभवत्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
विंश से विविंशक उत्पन्न हुआ, विविंशक से खनिनेत्र, खनिनेत्र से अतिविभूति उत्पन्न हुआ और अतिविभूति से करंधम नामक अत्यन्त बलवान और शूरवीर पुत्र उत्पन्न हुआ । 26-29॥
 
From Vinsha was born Vivinshak, from Vivinshak was Khaninetra, from Khaninetra was born Ativibhuti and from Ativibhuti there was a very strong and brave son named Karandham. 26-29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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