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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण
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श्लोक 18
श्लोक
4.1.18
मनो: पुत्र: करूष: करूषात्कारूषा: क्षत्रिया महाबलपराक्रमा बभूवु:॥ १८॥
अनुवाद
मनुका का पुत्र करुषा था। करुषा से करुषा नामक अत्यन्त बलवान और शूरवीर क्षत्रिय उत्पन्न हुए॥18॥
Manuka's son was Karuṣa. From Karuṣa were born the very powerful and valiant Kshatriyas named Karuṣa.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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