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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण
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श्लोक 10
श्लोक
4.1.10
सैवच मित्रावरुणयो: प्रसादात्सुद्युम्नो नाम मनो: पुत्रो मैत्रेय आसीत्॥ १०॥
अनुवाद
हे मैत्रेय! मित्रावरुण की कृपा से उसने 'सुद्युम्न' नामक पुत्र को जन्म दिया॥10॥
O Maitreya! By the grace of Mitravaruna, she gave birth to a son named 'Sudyumna'. 10॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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