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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 8: विष्णु भगवान्की आराधना और चातुर्वर्ण्य-धर्मका वर्णन
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श्लोक 19
श्लोक
3.8.19
वर्णाश्रमेषु ये धर्माश्शास्त्रोक्ता नृपसत्तम।
तेषु तिष्ठन्नरो विष्णुमाराधयति नान्यथा॥ १९॥
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! शास्त्रों में वर्णित वर्णाश्रम धर्म का पालन करके ही मनुष्य भगवान विष्णु की पूजा कर सकता है, अन्य किसी प्रकार से नहीं॥19॥
O best of kings! A man can worship Vishnu only by following the Varnashram Dharma mentioned in the scriptures; and not in any other way.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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