श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 8: विष्णु भगवान‍्की आराधना और चातुर्वर्ण्य-धर्मका वर्णन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.8.15 
न ताडयति नो हन्ति प्राणिनोऽन्यांश्च देहिन:।
यो मनुष्यो मनुष्येन्द्र तोष्यते तेन केशव:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे नरेन्द्र! जो मनुष्य किसी भी प्राणी या अन्य प्राणियों को कष्ट या हानि नहीं पहुँचाता, उस पर भगवान केशव प्रसन्न होते हैं॥15॥
 
O Narendra! Lord Kesava is pleased with the person who does not harm or destroy any living creature or other living beings. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)