श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 7: यमगीता  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.7.8 
श्रीपराशर उवाच
अयमेव मुने प्रश्नो नकुलेन महात्मना।
पृष्ट: पितामह: प्राह भीष्मो यत्तच्छृणुष्व मे॥ ८॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर जी बोले - हे ऋषिवर! महात्मा नकुल ने भी पितामह भीष्म से यही प्रश्न पूछा था। उन्होंने उत्तर में जो कहा, उसे सुनिए।
 
Shri Parashar ji said - O sage! Mahatma Nakul had asked the same question to Grandfather Bhishma. Listen to what he said in reply.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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