| श्री विष्णु पुराण » अंश 3: तृतीय अंश » अध्याय 7: यमगीता » श्लोक 19 |
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| | | | श्लोक 3.7.19  | इति यमवचनं निशम्य पाशी
यमपुरुषस्तमुवाच धर्मराजम्।
कथय मम विभो समस्तधातु-
र्भवति हरे: खलु यादृशोऽस्य भक्त:॥ १९॥ | | | | | | अनुवाद | | यमराज के ऐसे वचन सुनकर यमदूत ने उनसे पूछा - 'प्रभु! कृपा करके मुझे बताइए कि सबके पालनहार भगवान हरि का भक्त कैसा होता है?'॥19॥ | | | | On hearing such words of Yamraj, the messenger of Yama asked him - 'Prabhu! Please tell me what kind of a devotee of Lord Hari, the creator of all, is like?'॥ 19॥ | | ✨ ai-generated | | |
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