श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 6: सामवेदकी शाखा, अठारह पुराण और चौदह विद्याओंके विभागका वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  3.6.33 
एतत्ते कथितं सर्वं यत्पृष्टोऽहमिह त्वया।
मैत्रेय वेदसम्बन्ध: किमन्यत्कथयामि ते॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! वेदों के विषय में आपने मुझसे जो कुछ पूछा था, वह मैंने आपको बता दिया; अब इससे अधिक क्या कहूँ?॥ 33॥
 
O Maitreya! I have told you whatever you asked me about the Vedas; what more should I say?॥ 33॥
 
इति श्रीविष्णुपुराणे तृतीयेंऽशे षष्ठोऽध्याय:॥ ६॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)