श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 6: सामवेदकी शाखा, अठारह पुराण और चौदह विद्याओंके विभागका वर्णन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.6.31 
इतिशाखास्समाख्याताश्शाखाभेदास्तथैव च।
कर्तारश्चैव शाखानां भेदहेतुस्तथोदित:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार मैंने तुमसे वेदों की शाखाओं, उनके भेदों, उनके रचयिताओं और शाखाओं के भेदों के कारणों का वर्णन किया है ॥31॥
 
In this way I have described to you the branches of the Vedas, their distinctions, their authors and the reasons for the distinctions in the branches. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)