श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 6: सामवेदकी शाखा, अठारह पुराण और चौदह विद्याओंके विभागका वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.6.25 
तथा चोपपुराणानि मुनिभि: कथितानि च।
सर्गश्च प्रतिसर्गश्च वंशमन्वन्तराणि च।
सर्वेष्वेतेषु कथ्यन्ते वंशानुचरितं च यत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
इनके अतिरिक्त ऋषियों ने और भी बहुत से उपपुराण कहे हैं। इनमें सृष्टि, प्रलय, देवताओं आदि की वंश-परंपरा, मन्वन्तर तथा विभिन्न राजवंशों के चरित्रों का वर्णन है॥ 25॥
 
Apart from these, sages have narrated many more Upapuranas. All these describe the creation, destruction, the lineage of the gods etc., the Manvantara and the characters of the different royal dynasties.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)