श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 6: सामवेदकी शाखा, अठारह पुराण और चौदह विद्याओंके विभागका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.6.16 
प्रख्यातो व्यासशिष्योऽभूत्सूतो वै रोमहर्षण:।
पुराणसंहितां तस्मै ददौ व्यासो महामति:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
रोमहर्षण सूत व्यासजी के प्रसिद्ध शिष्य थे। महामति व्यासजी ने उन्हें पुराणसंहिता का अध्ययन कराया। 16॥
 
Romaharshan was a famous disciple of Suta Vyasji. Mahamati Vyasji made him study Purana Samhita. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)