vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 6: सामवेदकी शाखा, अठारह पुराण और चौदह विद्याओंके विभागका वर्णन
»
श्लोक 16
श्लोक
3.6.16
प्रख्यातो व्यासशिष्योऽभूत्सूतो वै रोमहर्षण:।
पुराणसंहितां तस्मै ददौ व्यासो महामति:॥ १६॥
अनुवाद
रोमहर्षण सूत व्यासजी के प्रसिद्ध शिष्य थे। महामति व्यासजी ने उन्हें पुराणसंहिता का अध्ययन कराया। 16॥
Romaharshan was a famous disciple of Suta Vyasji. Mahamati Vyasji made him study Purana Samhita. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×