श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 5: शुक्लयजुर्वेद तथा तैत्तिरीय यजु:शाखाओंका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.5.24 
नम: सवित्रे सूर्याय भास्कराय विवस्वते।
आदित्यायादिभूताय देवादीनां नमो नम:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
भगवान सविता, सूर्य, भास्कर और विवस्वान को नमस्कार है; समस्त देवताओं और भूतों के उत्पत्तिकर्ता आदित्यदेव को बार-बार नमस्कार है॥24॥
 
Salutations to Lord Savita, Surya, Bhaskar and Vivasvan; Salutations again and again to Adityadev, the originator of all the gods and other ghosts. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)