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vishnu 3.2.9: उसने सूर्य को भ्रमियंत्र पर स्थापित करके उसका तेज कम कर दिया, परन्तु वह सूर्य के अक्षय तेज का केवल आठवाँ भाग ही कम कर सका॥9॥   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.2.9 
भ्रममारोप्य सूर्यं तु तस्य तेजोनिशातनम्।
कृतवानष्टमं भागं स व्यशातयदव्ययम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उसने सूर्य को भ्रमियंत्र पर स्थापित करके उसका तेज कम कर दिया, परन्तु वह सूर्य के अक्षय तेज का केवल आठवाँ भाग ही कम कर सका॥9॥
 
He placed the Sun on the Bhramiyantra (sharp-point) and reduced its brilliance, but he could only reduce one-eighth of the Sun's inexhaustible brilliance.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)