Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 3.2.60: इसी प्रकार परमात्मा निरन्तर इस सम्पूर्ण जगत् की रचना, पालन और संहार करते रहते हैं। इस जगत् में उनसे भिन्न कोई वस्तु नहीं है ॥60॥ | vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन । vishnu अंश 3: तृतीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार परमात्मा निरन्तर इस सम्पूर्ण जगत् की रचना, पालन और संहार करते रहते हैं। इस जगत् में उनसे भिन्न कोई वस्तु नहीं है ॥60॥
Similarly, the Supreme Soul continuously creates, sustains and destroys this entire world. There is nothing in this world that is different from them. 60॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥