Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 3.2.6: तब छाया द्वारा जब सारा रहस्य प्रकट हो गया, तब ध्यानमग्न सूर्यदेव ने देखा कि संज्ञा घोड़ी का रूप धारण करके वन में तपस्या कर रही है॥6॥ | vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन । vishnu अंश 3: तृतीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब छाया द्वारा जब सारा रहस्य प्रकट हो गया, तब ध्यानमग्न सूर्यदेव ने देखा कि संज्ञा घोड़ी का रूप धारण करके वन में तपस्या कर रही है॥6॥
Then, when the whole secret was revealed by Chhaya (shadow), the Sun God, in a meditative state, saw that Sangya, in the form of a mare, was performing tapasya in the forest. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥