Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 3.2.58: तत्पश्चात् द्वापर युग में उन्होंने वेदव्यास का रूप धारण करके एक वेद को चार भागों में विभाजित किया और सैकड़ों शाखाओं में विभाजित करके उसका बहुत विस्तार किया ॥58॥ | vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन । vishnu अंश 3: तृतीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् द्वापर युग में उन्होंने वेदव्यास का रूप धारण करके एक वेद को चार भागों में विभाजित किया और सैकड़ों शाखाओं में विभाजित करके उसका बहुत विस्तार किया ॥58॥
Thereafter in the Dvapara Yuga he took the form of Ved Vyas and divided one Veda into four parts and expanded it considerably by dividing it into hundreds of branches. ॥58॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥