Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 3.2.53: फिर प्रत्येक कल्प के प्रारम्भ में निराकार भगवान जागते हैं और रजोगुण का आश्रय लेकर जगत् की रचना करते हैं ॥53॥ | vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन । vishnu अंश 3: तृतीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर प्रत्येक कल्प के प्रारम्भ में निराकार भगवान जागते हैं और रजोगुण का आश्रय लेकर जगत् की रचना करते हैं ॥53॥
Then [at the end of the doomsday night] at the beginning of every Kalpa, the incorporeal Lord awakens and creates the universe by taking shelter of Rajoguna. 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥