Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 3.2.51: हे मुनि! फिर उतने ही समय तक रात्रि रहती है। उस समय ब्रह्मारूपी भगवान विष्णु प्रलयकाल के जल के ऊपर शयन-शय्या पर शयन करते हैं। 51॥ | vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन । vishnu अंश 3: तृतीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तावत्प्रमाणा च निशा ततो भवति सत्तम।
ब्रह्मरूपधरश्शेते शेषाहावम्बुसम्प्लवे॥ ५१॥
अनुवाद
हे मुनि! फिर उतने ही समय तक रात्रि रहती है। उस समय ब्रह्मारूपी भगवान विष्णु प्रलयकाल के जल के ऊपर शयन-शय्या पर शयन करते हैं। 51॥
O great sage! Then the night lasts for the same amount of time. At that time, Lord Vishnu in the form of Brahma sleeps on the bed of remains above the waters of the Doomsday. 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥