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vishnu 3.2.5: एक दिन जब छाया रूपी संज्ञा ने क्रोधित होकर यम को श्राप दे दिया, तब सूर्य और यम को ज्ञात हुआ कि यह व्यक्ति कोई और था।   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.2.5 
छायासंज्ञा ददौ शापं यमाय कुपिता यदा।
तदान्येयमसौ बुद्धिरित्यासीद्यमसूर्ययो:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
एक दिन जब छाया रूपी संज्ञा ने क्रोधित होकर यम को श्राप दे दिया, तब सूर्य और यम को ज्ञात हुआ कि यह व्यक्ति कोई और था।
 
One day when Sangya, in the form of a shadow, became angry and cursed Yama [out of favour of her son], then the Sun and Yama came to know that this person was someone else. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)