vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन
»
श्लोक 49
श्लोक
3.2.49
मनुस्सप्तर्षयो देवा भूपालाश्च मनो: सुता:।
मन्वन्तरे भवन्त्येते शक्रश्चैवाधिकारिण:॥ ४९॥
अनुवाद
इस प्रकार मनु सप्तर्षि, देवता, इन्द्र और मनु-पुत्र राजा-ये प्रत्येक मन्वन्तर के अधिकारी हैं ॥49॥
In this way, Manu Saptarishi, Gods, Indra and Manu-son kings – they are the officers of each Manvantara. 49॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas