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vishnu 3.2.46: प्रत्येक चतुर्युग के अन्त में वेद लुप्त हो जाते हैं, उस समय सप्त ऋषि स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतार लेकर उनका प्रचार करते हैं ॥46॥   |   vishnu अध्याय 3.2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.2.46 
चतुर्युगान्ते वेदानां जायते किल विप्लव:।
प्रवर्तयन्ति तानेत्य भुवं सप्तर्षयो दिव:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
प्रत्येक चतुर्युग के अन्त में वेद लुप्त हो जाते हैं, उस समय सप्त ऋषि स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतार लेकर उनका प्रचार करते हैं ॥46॥
 
At the end of every Chaturyuga, the Vedas disappear, at that time the seven sages incarnate on earth from heaven and propagate them. 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)